ब्रेकिंग
CG News:- लूट के माल के बंटवारे पर गैंग में घमासान! मारपीट ने खोला पूरा राज, रीवा से आई पिस्टल से लू... छत्तीसगढ़ में फिर बिगड़ा मौसम, रायपुर-बिलासपुर समेत कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्य का सम्मान, छत्तीसगढ़ के 64 शिक्षकों को राज्यपाल करेंगे सम्मानित दर्दनाक सड़क हादसा, पेड़ से टकराई बाइक; दो नाबालिगों की मौके पर मौत कर्ज वसूली के नाम पर बर्बरता, महिला और बेटे को बंधक बनाकर पीटा; निर्वस्त्र कर वीडियो बनाने का आरोप नर्मदा में 15 लोगों की जान पर बनी! पेट्रोलिंग बोट का इंजन बंद, तेज बहाव में डूबी नाव भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की देता है प्रेरणा - मुख्यम... मृत भालू के नाखून काटकर ले जाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार रायगढ़ की बदलेगी तस्वीर: विकास परियोजनाओं का वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने किया मैराथन निरीक्षण जल संरक्षण में सूरजपुर का ऐतिहासिक प्रदर्शन- देश में चौथा और छत्तीसगढ़ में मिला पहला स्थान
भिलाई

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने किया आरक्षक को बर्खास्त

भिलाई | थाना पुरानी भिलाई में पदस्थ आरक्षक विजय धुरंधर क्रमांक-1654 की दिनांक 03.03.2025 को डायल 112 में ड्यूटी लगाई गई थी। इस दिन प्राप्त इवेंट के क्रम में कालर मोबाईल पर प्राप्त सूचना के आधार पर एक्सयूव्ही वाहन में दो सफेद रंग की बोरी तथा एक लाल रंग की बोरी कुल 03 बोरियों में गांजा के पैकेट थे।

उसमें से लाल रंग की बोरी जिसमें तीन पैकेट गांजा रखे थे, को आरक्षक विजय धुरंधर 1654 एवं डायल 112 का चालक अनिल कुमार टण्डन ने मिलकर वहीं पास में कटीली झाड़ियों में छिपा दिए व बाद में इन दोनों ने इस बोरी को निकालकर अनिल कुमार टण्डन के गांव औंधी के मकान में छिपाकर रखे थे|

जिसे अनिल कुमार टण्डन की निशानदेही पर विधिवत् जप्त कर थाना पुरानी भिलाई में आरक्षक विजय धुरंधर 1654 एवं अनिल कुमार टण्डन के विरूद्ध अप.क्र.- 126/2025, धारा 20 (बी) (II) (बी) एनडीपीएस एक्ट कायम कर दोनों आरोपी आरक्षक एवं अनिल टण्डन को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया । प्रकरण पंजीबद्ध होने एवं गिरफ्तार होने पर आरक्षक विजय धुरंधर 1654 को निलंबित किया गया था ।

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग विजय अग्रवाल व्दारा निलंबित आरक्षक विजय धुरंधर क्रमांक-1654 के व्दारा पुलिस रेग्यूलेशन के पैरा 64 (2) (3) व 596 एवं म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 03 का स्पष्ट अवहेलना किये जाने पर भारत का संविधान के अनुच्छेद-311 के खण्ड (2) के उपखण्ड “ख” के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों के आधार पर निलंबित आरक्षक 1654 विजय धुरंधर को गंभीर कदाचरण के लिए “सेवा से पदच्युत” (Dismissal from service) किये जाने का आदेश पारित किया गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button